Home Remedies For Dry Throat In Hindi

फेफड़ों में जमा बलगम निकालने और साफ करने के असरदार तरीके

फेफड़ों में जमा बलगम न केवल सांस लेने में समस्या उत्पन्न करता है बल्कि यह शरीर में अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को भी बढ़ा सकता है। जब फेफड़ों में बलगम जमता है तो इससे श्वसन मार्गों में रुकावट आती है जिससे सांस लेना कठिन हो जाता है। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि बलगम कैसे निकाले और फेफड़ों में जमा कफ कैसे निकाले ताकि श्वसन तंत्र को साफ रखा जा सके। इस ब्लॉग में हम आपको कुछ ऐसे असरदार तरीके बताएंगे जिन्हें अपनाकर आप फेफड़ों से बलगम निकाल सकते हैं और अपने फेफड़ों को स्वस्थ रख सकते हैं।

बलगम जमने के कारण

फेफड़ों में जमा बलगम के कई कारण हो सकते हैं। यह एक सामान्य समस्या है, लेकिन जब बलगम अधिक मात्रा में जमा हो जाता है, तो यह श्वसन प्रणाली को प्रभावित करता है। आइए जानते हैं कि फेफड़ों में बलगम क्यों जमा होता है और इसके कारण क्या हो सकते हैं:

  1. संक्रमण: वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण जैसे सर्दी-जुकाम, फ्लू या निमोनिया फेफड़ों में बलगम जमने का प्रमुख कारण होते हैं। जब शरीर में संक्रमण होता है तो शरीर इसके खिलाफ लड़ने के लिए बलगम का उत्पादन करता है। यह बलगम श्वसन मार्गों में जमा हो सकता है जिससे सांस लेना कठिन हो जाता है और संक्रमण का इलाज भी प्रभावित हो सकता है।
  2. एलर्जी: पराग, धूल या पालतू जानवरों के बाल जैसे एलर्जेंस के संपर्क में आने से शरीर अधिक बलगम का उत्पादन करता है। ये एलर्जी श्वसन मार्गों में सूजन और बलगम के जमाव का कारण बन सकते हैं। यदि आपको एलर्जी की समस्या है तो आपको इसे नियंत्रित करने के लिए उचित उपायों की आवश्यकता है।
  3. धूम्रपान: धूम्रपान श्वसन प्रणाली के लिए एक प्रमुख हानिकारक कारक है। यह श्वसन नलिकाओं को उत्तेजित करता है और सूजन पैदा करता है जिससे बलगम का उत्पादन बढ़ता है। धूम्रपान से कफ की समस्या गंभीर हो सकती है और यह लंबी अवधि तक रहने वाली समस्याओं का कारण बन सकता है।
  4. दीर्घकालिक स्थितियां: कुछ दीर्घकालिक बीमारियाँ जैसे क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) और अस्थमा फेफड़ों में बलगम के जमा होने का कारण हो सकती हैं। इन बीमारियों में श्वसन नलिकाओं में सूजन और बलगम का उत्पादन बढ़ जाता है जो श्वसन प्रणाली को प्रभावित करता है।
  5. गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स रोग (जीईआरडी): यह एक स्थिति है जिसमें पेट का अम्ल वापस गले तक आता है जिससे बलगम का निर्माण बढ़ता है। यह स्थिति श्वसन मार्गों में भी बलगम के जमाव का कारण बन सकती है जिससे सांस लेने में कठिनाई होती है।

फेफड़ों को साफ करने के लिए बेहतरीन घरेलू उपाय

फेफड़ों से बलगम निकालने के लिए कई प्राकृतिक और प्रभावी तरीके हैं जिन्हें आप अपने दैनिक जीवन में शामिल कर सकते हैं। ये तरीके न केवल बलगम को बाहर निकालने में मदद करते हैं बल्कि आपके श्वसन तंत्र को भी स्वस्थ रखते हैं। आइए जानते हैं कि लंग्स को क्लीन कैसे करे और लंग्स को डीटाक्स कैसे करे, इनको करने के कुछ आसान और प्रभावी तरीके।

1. भाप चिकित्सा

भाप चिकित्सा फेफड़ों से बलगम निकालने का एक पुराना और असरदार तरीका है। यह प्रक्रिया श्वसन मार्गों को खोलने में मदद करती है और बलगम को बाहर निकालने में सहायक होती है। आप एक बर्तन में गर्म पानी लें और उसमें कुछ बूँदें जैसे पेपरमिंट ऑयल या टी ट्री ऑयल डाल सकते हैं। इसके बाद, बर्तन से निकलने वाली भाप को अपने चेहरे के पास लेकर गहरी साँसें लें। इससे बलगम को बाहर निकलने में मदद मिलती है। भाप से न केवल बलगम बाहर निकलता है बल्कि यह आपके गले को भी आराम पहुंचाता है।

2. हाइड्रेटेड रहें

पानी का पर्याप्त सेवन बलगम को पतला करता है जिससे उसे बाहर निकालना आसान हो जाता है। जब आप हाइड्रेटेड रहते हैं तो शरीर के प्राकृतिक उत्तेजक तंत्र को सही से काम करने में मदद मिलती है। इसलिए, दिनभर पानी पीने से शरीर का हाइड्रेशन स्तर सही रहता है जिससे बलगम का प्रवाह भी बेहतर हो सकता है।

3. बलगम साफ करने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें

बलगम को साफ करने के लिए निम्नलिखित पदार्थों का सेवन किया जा सकता है:

  • अदरक: अदरक में अद्भुत एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं जो श्वसन मार्गों को साफ करने में मदद करते हैं। अदरक का सेवन बलगम को ढीला करता है और उसे बाहर निकालने में मदद करता है। आप ताजे अदरक का सेवन कर सकते हैं या फिर अदरक की चाय बनाकर पी सकते हैं।
  • हल्दी: हल्दी में एक सक्रिय तत्व होता है जिसे करक्यूमिन कहते हैं जो सूजन को कम करता है और बलगम को बाहर निकालने में सहायक होता है। हल्दी का सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है जिससे बलगम की समस्या कम होती है। हल्दी का सेवन गर्म दूध के साथ किया जा सकता है।
  • काली मिर्च: काली मिर्च में पाइपरिन नामक तत्व होता है जो बलगम को बाहर निकालने में मदद करता है। यह श्वसन मार्गों में सफाई करने के साथ-साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करता है। आप काली मिर्च पाउडर को शहद के साथ मिलाकर सेवन कर सकते हैं।
  • लहसुन: लहसुन एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक है जो श्वसन मार्गों को साफ करने में मदद करता है। लहसुन का सेवन बलगम को बाहर निकालने के लिए बहुत प्रभावी होता है। आप लहसुन की ताजगी का आनंद लेने के लिए इसे कच्चा खा सकते हैं या फिर इसका तेल इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • शहद: शहद का सेवन बलगम को नरम करता है जिससे उसे बाहर निकालना आसान हो जाता है। शहद में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं जो श्वसन तंत्र को साफ करने में सहायक होते हैं।

4. हर्बल उपचार

हर्बल चाय भी बलगम को निकालने में मदद कर सकती है। विभिन्न हर्बल चाय जैसे पुदीना, अजवाइन और मुलेठी बलगम के जमाव को कम करती हैं और श्वसन तंत्र को स्वच्छ रखती हैं।

  • पुदीना चाय: पुदीना में मेंथोल होता है जो श्वसन मार्गों को खोलता है और बलगम को बाहर निकालने में मदद करता है।
  • अजवाइन चाय: अजवाइन चाय का सेवन फेफड़ों को साफ करने और कफ को बाहर निकालने में सहायक होता है।
  • मुलेठी चाय: मुलेठी में गले की सूजन कम करने और बलगम को निकालने के गुण होते हैं।

5. ह्यूमिडिफायर का उपयोग करें

ह्यूमिडिफायर का उपयोग हवा में नमी बनाए रखने के लिए किया जाता है। जब हवा में नमी कम होती है तो बलगम का जमाव बढ़ सकता है। ह्यूमिडिफायर का उपयोग करने से श्वसन मार्गों में नमी बनी रहती है और बलगम आसानी से बाहर निकलता है। यह विशेष रूप से ठंडे और सूखे मौसम में मददगार होता है।

6. गहरी साँस लेने के व्यायाम

गहरी साँसें लेना फेफड़ों से बलगम निकालने के लिए एक अत्यंत प्रभावी तरीका है। गहरी साँसें श्वसन मार्गों को खोलती हैं और बलगम को बाहर निकालने में मदद करती हैं। आप कुछ मिनटों के लिए गहरी साँसें लेकर अपनी श्वसन प्रणाली को साफ कर सकते हैं।

7. शारीरिक गतिविधि

व्यायाम करने से शरीर का रक्त संचार बेहतर होता है जिससे बलगम का निकासी आसान हो जाती है। जब आप शारीरिक गतिविधियाँ करते हैं तो फेफड़े अच्छे से काम करते हैं और बलगम को बाहर निकालने में मदद मिलती है। इसलिए, व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।

8. खारे पानी से गरारे

खारे पानी से गरारे करने से गले की सूजन कम होती है और बलगम को बाहर निकालने में मदद मिलती है। यह उपाय विशेष रूप से गले में जमा कफ के लिए उपयोगी है। गरारे करते समय, पानी को हल्का गर्म करें और उसमें थोड़ा सा नमक डालें।

9. पोस्ट्युरल ड्रेनेज

यह एक शारीरिक तकनीक है जिसमें आप अपने शरीर को एक विशेष तरीके से झुकाते हैं ताकि बलगम फेफड़ों से बाहर आ सके। यह प्रक्रिया बलगम को बाहर निकालने में मदद करती है। पोस्ट्युरल ड्रेनेज विशेष रूप से गहरे बलगम को निकालने के लिए उपयोगी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

गले और छाती में जमा कफ कैसे निकाले?

गले और छाती में जमा कफ को निकालने के लिए भाप चिकित्सा, हर्बल चाय और गहरी साँस लेने के व्यायाम का पालन करें। इसके अलावा, खारे पानी से गरारे करने से भी कफ निकल सकता है।

कफ निकालने की सबसे अच्छी दवा कौन सी है?

कफ निकालने के लिए आयुर्वेदिक दवाएं और हर्बल उपचार जैसे मुलेठी चाय और अजवाइन चाय प्रभावी हो सकते हैं।

बलगम को जड़ से कैसे खत्म करें?

बलगम को जड़ से खत्म करने के लिए स्वस्थ आहार, शारीरिक गतिविधि और प्राकृतिक उपचार का नियमित सेवन करना महत्वपूर्ण है।

शरीर में कफ बनना बंद कैसे करें?

सही आहार और जीवनशैली के साथ धूम्रपान और प्रदूषण से बचने से कफ बनने की प्रक्रिया कम हो सकती है।

फेफड़ों से बलगम निकालने का सबसे तेज़ तरीका क्या है?

भाप चिकित्सा और गहरी साँस लेने के व्यायाम से फेफड़ों से बलगम तेजी से बाहर निकल सकता है।

कफ नाशक फल कौन से हैं?

सेब, अंगूर और पपीता कफ नाशक फल हैं, जो बलगम को बाहर निकालने में मदद करते हैं।

कफ दोष में क्या नहीं खाना चाहिए?

मिठाइयाँ, तले-भुने खाद्य पदार्थ और डेयरी उत्पाद कफ को बढ़ा सकते हैं इसलिए इनसे परहेज करना चाहिए।


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